कालसर्प दोश (Kaal Sarp Dosh)

Here Kaal Sarp Dosh is mainly twelve types. And this happens! When the seven planets in the horoscope, Sun, Moon, Mars, Mercury, Guru, Shukra and Shani are closed between sin planets like Rahu and Ketu, they become prisoners of Rahu and Ketu, this Dosh is created! Generally speaking, Kaalsarp brings fame in the life of a male or a female. And here in the holy sun horoscope, it forms twelve types of Kaal Sarp Dosh! In which each Kaal Sarp Dosh has different names and their advantages or disadvantages also vary. Kaal Sarp Dosh Puja is performed to evacuate the harmful effects of Kaal Sarp Dosh. The person who have influenced by this dosh, he/she should perform this puja. There are certain remedies for reducing the impacts of this dosh recommended by Astrology expert can perform puja.


यहाॅं कालसर्प दोश मुख्यतः बारह तरह का होता है! और यह तब होता है! जब कुण्डली मे सात ग्रह सूर्य, चन्द्र, मंगल, बुध, गुरू, षुक्र और षनि जब राहू और केतू जैसे पाप ग्रह के बीच मे बन्द हो कर राहू और केतू के कैदी बन जाते है! तो काल सर्प दोश का निर्माण होता है! सामान्यता कालसर्प दोश स्त्री या पुरूश के जीवन मे सधर्श लेकर आता है! और यहाॅं पवित्र सूर्य कुण्डली मे यह बारह तरह के कालसर्प दोश बनते है! जिनमे हर कालसर्प दोश का अलग अलग नाम है और इनके फायदे या नुकसान भी अलग अलग होते है!

अन्नत कालसर्प योग (Anant Kaal Sarp Yog)

इस अन्नत कालसर्प दोष के कारण जातक को शारिरीक और मानसिक परेशानी उठानी पडती है साथ ही सरकारी और अदालती कामो मे परेशानी होती है! यहाॅं अन्नत कालसर्प दोष की वजह से स्त्री हो या पुरुष उसका पारिवारिक जीवन कभी अच्छा नही होता है! पति पत्नी सम्बंधो मे तनाव रहता है! और हमेशा जीवन घुटा घुटा सा प्रतीत होता है! बीतते वक्त के साथ आप जीवन मे भटक कर अनैतिक सम्बंध बना सकते है! जिस कारण बात तलाक तक पहुच जाती है! क्योकि पति पत्नी सम्बंधो मे मधुरता नही रहती है! यहाॅं कारोबार कभी साझेदारी मे न करे वरना साझेदार केवल धोखा ही देगा! इसलिए यहाॅं अन्नत कालसर्प योग व्यक्ति के जीवन में अनेक विषमताएँ लाता है, अन्नत कालसर्प दोष के कारण इसमें एक भयावह स्थिति यह बन जाती है कि राहू व केतू जब सभी ग्रहों को बन्दी बना लेते है तब सभी ग्रह या तो पूर्वार्द्ध में होते हैं या उतरार्ध में इसी कारण से कुछ ग्रह सुप्तावस्था में चले जाते है, जिस कारण अनेक दिक्कतें व्यक्ति या स्त्री को झेलनी पड़ सकती है, अतः कई बार यह कालसर्प दोष व ग्रहों की सुप्तावस्था व्यक्ति के विकास में बड़ी बाधक बन जाती है। अतः जल्द उपचार ही इसका एकमात्र उपाय है! अन्नत कालसर्प दोश की पूरी विधी अवश्य करवाए! और अगर आपने कही दूसरी जगह से विधी करवा ली है और आराम तब भी नहीं है तो अन्नत कालसर्प ब्रहास्त्र अवश्य मँगवा ले, माता आराम देगी!!! और सोए हुए ग्रहों को साधना द्वारा जगाए! साथ ही ऐसे मे गले मे काले अकीक को पहनना चाहिए! और रोजाना ओम नमः शिवाय का जाप 108 बार करना चाहिए!! आप महामृत्युन्जय जाप भी कर सकते है! यहाॅं घर मे चाॅंदी का साॅंप बनवा कर रोजाना उनसे अपनी लम्बी उम्र और घर पर कृपा दृश्टि बनाए रखने का वरदान माॅंगना चाहिए! साथ ही हर नागपंचमी वाले दिन व्रत रखे!! अति उत्तम फल मिलेगे! और जीवन भर शुक्ल पक्ष की पंचमी वाले दिन पूरे परिवार की सुख शान्ति के लिए पूरे परिवार के नाम से कुछ न कुछ निकाल कर किसी जरूरतमंद को उसकी जरूरत की चीज दे!! माता आपको अत्यन्त खुशियाॅं देगी!

कुलिक कालसर्प योग (Kulik Kaal Sarp Yog )

इस कुलिक कालसर्प दोष के कारण जातक जीवन भर सधर्शमय स्थिति मे रहता है! यहाॅं स्त्री या पुरूश को इस कालसर्प से बचने व जीवन मे तरक्की करने हेतू नये , अनैतिक सम्बंध, प्रेम विवाह और गलत संगत से दूर रहना चाहिए! क्योकि यहाॅं यह कालसर्प दोश आपको इन सब गलत कार्यो के लिए प्रेरित कर सकता है! जिस कारण विदया का नाश हो जाता है! व्यक्ति का दिमाग पढाई लिखाई से हट किन्ही दूसरे कामो मे ही लगा रहता है! और ऐसे व्यक्ति को पेट, गले और मुॅंह से सम्बंधित रोग होते है! यहाॅं तक कि इनसे सम्बंधित कैन्सर भी हो सकता है! इस काल सर्प दोश के कारण स्त्री या पुरुष का वाणी पर से नियन्त्रण हट जाता है और वह अपनी बदजुबानी से अपनो को भी शत्रु बना लेता है! यहाॅं देखा जाता है कि कुलीक कालसर्प दोश से पीडित लोग भयंकर दुर्धटनाओ के शिकार भी होते है! आपकी स्थिति अच्छी नही रहती और साथ ही विवाह देर से होता है व देर से होने पर भी पारिवारिक जीवन भी सधर्शमय और कलह से भरा रहता है कुलिक कालसर्प योग व्यक्ति के जीवन में अनेक विषमताएँ लाता है, वासुकि कालसर्प दोष के कारण इसमें एक भयावह स्थिति यह बन जाती है कि राहू व केतू जब सभी ग्रहों को बन्दी बना लेते है तब सभी ग्रह या तो पूर्वार्द्ध में होते हैं या उतरार्ध में इसी कारण से कुछ ग्रह सुप्तावस्था में चले जाते है, जिस कारण अनेक दिक्कतें व्यक्ति या स्त्री को झेलनी पड़ सकती है, अतः कई बार यह कालसर्प दोष व ग्रहों की सुप्तावस्था व्यक्ति के विकास में बड़ी बाधक बन जाती है। अतः जल्द उपचार ही इसका एकमात्र उपाय है! कुलिक कालसर्प दोष की पूरी विधी अवश्य करवाए! और अगर आपने कही दूसरी जगह से विधी करवा ली है और आराम तब भी नहीं है तो कुलिक कालसर्प ब्रहास्त्र अवश्य मँगवा ले, माता आराम देगी!!! और सोए हुए ग्रहों को साधना द्वारा जगाए । साथ ही ऐसे मे गले मे काले अकीक को पहनना चाहिए! और रोजाना ओम नमः षिवाय का जाप 108 बार करना चाहिए!! आप महामृत्युन्जय जाप भी कर सकते है! यहाॅं धर मे चाॅंदी का साॅंप बनवा कर रोजाना उनसे अपनी लम्बी उम्र और धर पर कृपा दृश्टि बनाए रखने का वरदान माॅंगना चाहिए! साथ ही हर नागपंचमी वाले दिन व्रत रखे!! अति उत्तम फल मिलेगे! और जीवन भर षुक्ल पक्ष की पंचमी वाले दिन पूरे परिवार की सुख शान्ति के लिए पूरे परिवार के नाम से कुछ न कुछ निकाल कर किसी जरूरतमंद को उसकी जरूरत की चीज दे!! माता आपको अत्यन्त खुशियाॅं देगी!

वासुकि कालसर्प योग (Vasuki Kaal Sarp Yog)

इस कालसर्प दोश के कारण व्यक्ति जीवन भर सधर्शमय स्थ्तिि मे रहता है और उसकी नौकरी या कारोबार मे भी परेषानी बनी रहती है भाग्य का साथ नही मिलता है व परिजनो एवम मित्रो से भी धोखा मिलता रहता है! स्त्री हो या पुरूश उसे अपनी किस्मत से मार खानी ही पडती है! कडी मेहनत और ईमानदारी के बावजूद असफलता ही हाथ लगती है! छोटे भाई बहनो पर बुरा असर पडता है! और आपको लम्बी यात्राओ मे कश्ट उठाना पड सकता है! वासुकी कालसर्प दोश से पीडित लोग धर्म कर्म के कामो से भी दूर हो सकते है और गुरू को अपषब्द तक बोल सकते है! जिस कारण परेषानियाॅं व्यक्ति अपने आप ही बुला लेता है! वासुकि कालसर्प योग व्यक्ति के जीवन में अनेक विषमताएँ लाता है, वासुकि कालसर्प दोष के कारण इसमें एक भयावह स्थिति यह बन जाती है कि राहू व केतू जब सभी ग्रहों को बन्दी बना लेते है तब सभी ग्रह या तो पूर्वार्द्ध में होते हैं या उतरार्ध में इसी कारण से कुछ ग्रह सुप्तावस्था में चले जाते है, जिस कारण अनेक दिक्कतें व्यक्ति या स्त्री को झेलनी पड़ सकती है, अतः कई बार यह कालसर्प दोष व ग्रहों की सुप्तावस्था व्यक्ति के विकास में बड़ी बाधक बन जाती है। अतः जल्द उपचार ही इसका एकमात्र उपाय है! वासुकि कालसर्प दोष की पूरी विधी अवष्य करवाए! और अगर आपने कही दूसरी जगह से विधी करवा ली है और आराम तब भी नहीं है तो वासुकि कालसर्प ब्रहास्त्र अवश्य मँगवा ले, माता आराम देगी!!! और सोए हुए ग्रहों को साधना द्वारा जगाए । साथ ही ऐसे मे गले मे काले अकीक को पहनना चाहिए! और रोजाना ओम नमः षिवाय का जाप 108 बार करना चाहिए!! आप महामृत्युन्जय जाप भी कर सकते है! यहाॅं धर मे चाॅंदी का साॅंप बनवा कर रोजाना उनसे अपनी लम्बी उम्र और धर पर कृपा दृश्टि बनाए रखने का वरदान माॅंगना चाहिए! साथ ही हर नागपंचमी वाले दिन व्रत रखे!! अति उत्तम फल मिलेगे! और जीवन भर षुक्ल पक्ष की पंचमी वाले दिन पूरे परिवार की सुख षान्ति के लिए पूरे परिवार के नाम से कुछ न कुछ निकाल कर किसी जरूरतमंद को उसकी जरूरत की चीज दे!! माता आपको अत्यन्त खुषियाॅं देगी!

षंखपाल कालसर्प योग (Shankhpal Kaal Sarp Yog)

इस कालसर्प दोश के कारण व्यक्ति की माॅं और भाईयो को कश्ट भोगने पडते है और इसी कारण आपको मानसिक तनावो का सामना करना पडता है!!! यहाॅं पापी ग्रहो की चाल के कारण आप गलत संगत और नषे का षिकार हो सकते है! यहाॅं षखंपाल कालसर्प दोश परिवार मे बीमारियाॅं और आपको परिवार से दूर करेगा! यहाॅं आपको षारीरिक और मानसिक बीमारियाॅं होने के प्रबल योग होगे और यह आर्थिक तंगी का सामना करवाता है! यहाॅं आपको नषे, जुए, सटटे आदि से हर हाल मे दूर ही रहना चाहिए! षंखपाल कालसर्प योग व्यक्ति के जीवन में अनेक विषमताएँ लाता है, कालसर्प दोष के कारण इसमें एक भयावह स्थिति यह बन जाती है कि राहू व केतू जब सभी ग्रहों को बन्दी बना लेते है तब सभी ग्रह या तो पूर्वार्द्ध में होते हैं या उतरार्ध में इसी कारण से कुछ ग्रह सुप्तावस्था में चले जाते है, जिस कारण अनेक दिक्कतें व्यक्ति या स्त्री को झेलनी पड़ सकती है, अतः कई बार यह कालसर्प दोष व ग्रहों की सुप्तावस्था व्यक्ति के विकास में बड़ी बाधक बन जाती है। अतः जल्द उपचार ही इसका एकमात्र उपाय है! षंखपाल कालसर्प दोष की पूरी विधी अवष्य करवाए! और अगर आपने कही दूसरी जगह से विधी करवा ली है और आराम तब भी नहीं है तो षंखपाल कालसर्प ब्रहास्त्र अवश्य मँगवा ले, माता आराम देगी!!! और सोए हुए ग्रहों को साधना द्वारा जगाए । साथ ही ऐसे मे गले मे काले अकीक को पहनना चाहिए! और रोजाना ओम नमः षिवाय का जाप 108 बार करना चाहिए!! आप महामृत्युन्जय जाप भी कर सकते है! यहाॅं धर मे चाॅंदी का साॅंप बनवा कर रोजाना उनसे अपनी लम्बी उम्र और धर पर कृपा दृश्टि बनाए रखने का वरदान माॅंगना चाहिए! साथ ही हर नागपंचमी वाले दिन व्रत रखे!! अति उत्तम फल मिलेगे! और जीवन भर षुक्ल पक्ष की पंचमी वाले दिन पूरे परिवार की सुख षान्ति के लिए पूरे परिवार के नाम से कुछ न कुछ निकाल कर किसी जरूरतमंद को उसकी जरूरत की चीज दे!! माता आपको अत्यन्त खुषियाॅं देगी!

पदम कालसर्प योग (Padam Kaal Sarp Yog)

इस पदम कालसर्प दोश के कारण व्यक्ति को उसके कार्यो की तारीफो की बजाए गाली यानि अपयष के मिलने की सम्भावना ज्यादा रहती है, व्यक्ति को यौन रोग व सन्तान सुख खासकर नर सन्तान मे मुष्किले आती है यह दोश उच्च षिक्षा मे बाधा, धन लाभ मे रूकावट और परिवार से दूर करता है! यहाॅं विवाह के बाद बच्चो के जन्म मे कठिनाई आएगी और बच्चे बीमार ही रहेगे्!! यहाॅं आपको पदम कालसर्प योग के प्रभाव से प्रेम मे धोखा मिल सकता है और आप किसी साजिष के षिकार भी होगे! यहाॅं यह कालसर्प व्यक्ति के जीवन में अनेक विषमताएँ लाता है, कालसर्प दोष के कारण इसमें एक भयावह स्थिति यह बन जाती है कि राहू व केतू जब सभी ग्रहों को बन्दी बना लेते है तब सभी ग्रह या तो पूर्वार्द्ध में होते हैं या उतरार्ध में इसी कारण से कुछ ग्रह सुप्तावस्था में चले जाते है, जिस कारण अनेक दिक्कतें व्यक्ति या स्त्री को झेलनी पड़ सकती है, अतः कई बार यह कालसर्प दोष व ग्रहों की सुप्तावस्था व्यक्ति के विकास में बड़ी बाधक बन जाती है। अतः जल्द उपचार ही इसका एकमात्र उपाय है! पदम कालसर्प दोष की पूरी विधी अवष्य करवाए! और अगर आपने कही दूसरी जगह से विधी करवा ली है और आराम तब भी नहीं है तो पदम कालसर्प ब्रहास्त्र अवश्य मँगवा ले, माता आराम देगी!!! और सोए हुए ग्रहों को साधना द्वारा जगाए । साथ ही ऐसे मे गले मे काले अकीक को पहनना चाहिए! और रोजाना ओम नमः षिवाय का जाप 108 बार करना चाहिए!! आप महामृत्युन्जय जाप भी कर सकते है! यहाॅं धर मे चाॅंदी का साॅंप बनवा कर रोजाना उनसे अपनी लम्बी उम्र और धर पर कृपा दृश्टि बनाए रखने का वरदान माॅंगना चाहिए! साथ ही हर नागपंचमी वाले दिन व्रत रखे!! अति उत्तम फल मिलेगे! और जीवन भर षुक्ल पक्ष की पंचमी वाले दिन पूरे परिवार की सुख षान्ति के लिए पूरे परिवार के नाम से कुछ न कुछ निकाल कर किसी जरूरतमंद को उसकी जरूरत की चीज दे!! माता आपको अत्यन्त खुषियाॅं देगी!

महापदम कालसर्प योग (Mahapadam Kaal Sarp Yog)

इस महापदम कालसर्प दोश के कारण व्यक्ति को अपने जीवन मे काफी लम्बे समय तक षारिरीक कश्ट भोगना पडता है अर्थात व्यक्ति का स्वास्थ्य खराब रह सकता है और प्रेम के मामले मे तो ऐसे व्यक्ति दुर्भाग्यषाली होते ही होते है और भगवान न करे निराषा के कारण बुरी लत के षिकार हो सकते है! साथ ही यहाॅं यह कालसर्प दोश आपको पेट, दाॅंत और जुबान से सम्बंधित रोग देगा! स्त्री हो या पुरूश वह अपने साथ काम करने वाले लोगो से परेषान रहता है और किसी गम्भीर और गन्दी साजिष का षिकार बन सकता है जिसके बाद समाज मे स्त्री या पुरूश का गिरी हुई नजरो से देखा जा सकता है! महापदम कालसर्प योग व्यक्ति के जीवन में अनेक विषमताएँ लाता है, महापदम कालसर्प दोष के कारण इसमें एक भयावह स्थिति यह बन जाती है कि राहू व केतू जब सभी ग्रहों को बन्दी बना लेते है तब सभी ग्रह या तो पूर्वार्द्ध में होते हैं या उतरार्ध में इसी कारण से कुछ ग्रह सुप्तावस्था में चले जाते है, जिस कारण अनेक दिक्कतें व्यक्ति या स्त्री को झेलनी पड़ सकती है, अतः कई बार यह कालसर्प दोष व ग्रहों की सुप्तावस्था व्यक्ति के विकास में बड़ी बाधक बन जाती है। अतः जल्द उपचार ही इसका एकमात्र उपाय है! महापदम कालसर्प दोष की पूरी विधी अवष्य करवाए! और अगर आपने कही दूसरी जगह से विधी करवा ली है और आराम तब भी नहीं है तो महापदम कालसर्प ब्रहास्त्र अवश्य मँगवा ले, माता आराम देगी!!! और सोए हुए ग्रहों को साधना द्वारा जगाए । साथ ही ऐसे मे गले मे काले अकीक को पहनना चाहिए! और रोजाना ओम नमः षिवाय का जाप 108 बार करना चाहिए!! आप महामृत्युन्जय जाप भी कर सकते है! यहाॅं धर मे चाॅंदी का साॅंप बनवा कर रोजाना उनसे अपनी लम्बी उम्र और धर पर कृपा दृश्टि बनाए रखने का वरदान माॅंगना चाहिए! साथ ही हर नागपंचमी वाले दिन व्रत रखे!! अति उत्तम फल मिलेगे! और जीवन भर षुक्ल पक्ष की पंचमी वाले दिन पूरे परिवार की सुख षान्ति के लिए पूरे परिवार के नाम से कुछ न कुछ निकाल कर किसी जरूरतमंद को उसकी जरूरत की चीज दे!! माता आपको अत्यन्त खुषियाॅं देगी!

तक्षक कालसर्प योग (Takshak Kaal Sarp Yog)

इस तक्षक कालसर्प दोश के कारण व्यक्ति के वैवाहिक जीवन मे अषांति रहती है, कारोबार और नौकरी तबाह होगी ही होगी और यह दोश मानसिक परेषानियाॅं भी देता जाएगा, अपने कारोबार मे भी ऐसे लोगो को नुकसान उठाना पडता है, तक्षक कालसर्प योग व्यक्ति के जीवन में अनेक विषमताएँ लाता है, तक्षक कालसर्प दोष के कारण इसमें एक भयावह स्थिति यह बन जाती है कि राहू व केतू जब सभी ग्रहों को बन्दी बना लेते है तब सभी ग्रह या तो पूर्वार्द्ध में होते हैं या उतरार्ध में इसी कारण से कुछ ग्रह सुप्तावस्था में चले जाते है, जिस कारण अनेक दिक्कतें व्यक्ति या स्त्री को झेलनी पड़ सकती है, अतः कई बार यह कालसर्प दोष व ग्रहों की सुप्तावस्था व्यक्ति के विकास में बड़ी बाधक बन जाती है। अतः जल्द उपचार ही इसका एकमात्र उपाय है! तक्षक कालसर्प दोष की पूरी विधी अवष्य करवाए! और अगर आपने कही दूसरी जगह से विधी करवा ली है और आराम तब भी नहीं है तो तक्षक कालसर्प ब्रहास्त्र अवश्य मँगवा ले, माता आराम देगी!!! और सोए हुए ग्रहों को साधना द्वारा जगाए । साथ ही ऐसे मे गले मे काले अकीक को पहनना चाहिए! और रोजाना ओम नमः षिवाय का जाप 108 बार करना चाहिए!! आप महामृत्युन्जय जाप भी कर सकते है! यहाॅं धर मे चाॅंदी का साॅंप बनवा कर रोजाना उनसे अपनी लम्बी उम्र और धर पर कृपा दृश्टि बनाए रखने का वरदान माॅंगना चाहिए! साथ ही हर नागपंचमी वाले दिन व्रत रखे!! अति उत्तम फल मिलेगे! और जीवन भर षुक्ल पक्ष की पंचमी वाले दिन पूरे परिवार की सुख षान्ति के लिए पूरे परिवार के नाम से कुछ न कुछ निकाल कर किसी जरूरतमंद को उसकी जरूरत की चीज दे!! माता आपको अत्यन्त खुषियाॅं देगी!

कर्कोटक कालसर्प योग (Karkotak Kaal Sarp Yog)

इस कर्कोटक कालसर्प दोश के कारण व्यक्ति को अपने जीवन सुखो का भोग सही नही मिल पाता, पति पत्नी अनबन रहती है वैवाहिक सुख भी कम ही मिलता है और अपने कारोबार मे भी ऐसे लोगो को नुकसान उठाना पडता है! व्यक्ति हमेषा सभी के साथ कटु वाणी का प्रयोग करता है! जिस कारण व्यक्ति के अपने ही परिवार से सम्बंध बिगड जाते है! कई बार तो यहाॅं पैतृक सम्पति से भी हाथ धोना पड जाता है! इसलिए गलत आदतो व गलत खाने पीने से दूर रहे वरना जहर खाने की वजह से भी मौत हो सकती है! यहाॅं इस योग के कारण षारीरिक सम्बंधो की कमी रहेगी और व्यक्ति अपने वैवाहिक जीवन का आनन्द नही ले पाता है! कर्कोटक कालसर्प दोश व्यक्ति के जीवन में अनेक विषमताएँ लाता है, कालसर्प दोष के कारण इसमें एक भयावह स्थिति यह बन जाती है कि राहू व केतू जब सभी ग्रहों को बन्दी बना लेते है तब सभी ग्रह या तो पूर्वार्द्ध में होते हैं या उतरार्ध में इसी कारण से कुछ ग्रह सुप्तावस्था में चले जाते है, जिस कारण अनेक दिक्कतें व्यक्ति या स्त्री को झेलनी पड़ सकती है, अतः कई बार यह कालसर्प दोष व ग्रहों की सुप्तावस्था व्यक्ति के विकास में बड़ी बाधक बन जाती है। अतः जल्द उपचार ही इसका एकमात्र उपाय है! कर्कोटक कालसर्प दोश की पूरी विधी अवष्य करवाए! और अगर आपने कही दूसरी जगह से विधी करवा ली है और आराम तब भी नहीं है तो कर्कोटक कालसर्प दोश अवश्य मँगवा ले, माता आराम देगी!!! और सोए हुए ग्रहों को साधना द्वारा जगाए । साथ ही ऐसे मे गले मे काले अकीक को पहनना चाहिए! और रोजाना ओम नमः षिवाय का जाप 108 बार करना चाहिए!! आप महामृत्युन्जय जाप भी कर सकते है! यहाॅं धर मे चाॅंदी का साॅंप बनवा कर रोजाना उनसे अपनी लम्बी उम्र और धर पर कृपा दृश्टि बनाए रखने का वरदान माॅंगना चाहिए! साथ ही हर नागपंचमी वाले दिन व्रत रखे!! अति उत्तम फल मिलेगे! और जीवन भर षुक्ल पक्ष की पंचमी वाले दिन पूरे परिवार की सुख षान्ति के लिए पूरे परिवार के नाम से कुछ न कुछ निकाल कर किसी जरूरतमंद को उसकी जरूरत की चीज दे!! माता आपको अत्यन्त खुषियाॅं देगी!

षंखचूड कालसर्प योग (Shankachood Kaal Sarp Yog)

इस षंखचूड कालसर्प दोश के कारण व्यक्ति को अपने जीवन सुखो का भोग सही नही मिल पाता, पिता का सुख भी कम ही मिलता है और अपने कारोबार मे भी ऐसे लोगो को नुकसान उठाना पडता है कालसर्प योग व्यक्ति के जीवन में अनेक विषमताएँ लाता है, षंखचूड कालसर्प दोष के कारण इसमें एक भयावह स्थिति यह बन जाती है कि राहू व केतू जब सभी ग्रहों को बन्दी बना लेते है तब सभी ग्रह या तो पूर्वार्द्ध में होते हैं या उतरार्ध में इसी कारण से कुछ ग्रह सुप्तावस्था में चले जाते है, जिस कारण अनेक दिक्कतें व्यक्ति या स्त्री को झेलनी पड़ सकती है, अतः कई बार यह कालसर्प दोष व ग्रहों की सुप्तावस्था व्यक्ति के विकास में बड़ी बाधक बन जाती है। अतः जल्द उपचार ही इसका एकमात्र उपाय है! षंखचूड कालसर्प दोष की पूरी विधी अवष्य करवाए! और अगर आपने कही दूसरी जगह से विधी करवा ली है और आराम तब भी नहीं है तो षंखचूड कालसर्प ब्रहास्त्र अवश्य मँगवा ले, माता आराम देगी!!! और सोए हुए ग्रहों को साधना द्वारा जगाए । साथ ही ऐसे मे गले मे काले अकीक को पहनना चाहिए! और रोजाना ओम नमः षिवाय का जाप 108 बार करना चाहिए!! आप महामृत्युन्जय जाप भी कर सकते है! यहाॅं धर मे चाॅंदी का साॅंप बनवा कर रोजाना उनसे अपनी लम्बी उम्र और धर पर कृपा दृश्टि बनाए रखने का वरदान माॅंगना चाहिए! साथ ही हर नागपंचमी वाले दिन व्रत रखे!! अति उत्तम फल मिलेगे! और जीवन भर षुक्ल पक्ष की पंचमी वाले दिन पूरे परिवार की सुख षान्ति के लिए पूरे परिवार के नाम से कुछ न कुछ निकाल कर किसी जरूरतमंद को उसकी जरूरत की चीज दे!! माता आपको अत्यन्त खुषियाॅं देगी!

घातक कालसर्प दोश (Deadly Kaal Sarp Yog)

यह योग गृहस्थी मे कलह और अषान्ति के साथ साथ, बीमारियो के योग बनाता है, देखा जाता है कि ऐसे लोगो की माॅं हमेषा इनकी ही चिन्ता करती रहती है और इसी कारण अपनी तबीयत से परेषान रहती है जिन्दगी मे संेटल नही रह पाते, व्यक्ति को अपने जीवन सुखो का भोग सही नही मिल पाता, घातक कालसर्प दोश व्यक्ति के जीवन में अनेक विषमताएँ लाता है, घातक कालसर्प दोश के कारण इसमें एक भयावह स्थिति यह बन जाती है कि राहू व केतू जब सभी ग्रहों को बन्दी बना लेते है तब सभी ग्रह या तो पूर्वार्द्ध में होते हैं या उतरार्ध में इसी कारण से कुछ ग्रह सुप्तावस्था में चले जाते है, जिस कारण अनेक दिक्कतें व्यक्ति या स्त्री को झेलनी पड़ सकती है, अतः कई बार यह घातक कालसर्प दोश व ग्रहों की सुप्तावस्था व्यक्ति के विकास में बड़ी बाधक बन जाती है। अतः जल्द उपचार ही इसका एकमात्र उपाय है! घातक कालसर्प दोश की पूरी विधी अवष्य करवाए! और अगर आपने कही दूसरी जगह से विधी करवा ली है और आराम तब भी नहीं है तो घातक कालसर्प ब्रहास्त्र अवश्य मँगवा ले, माता आराम देगी!!! और सोए हुए ग्रहों को साधना द्वारा जगाए । साथ ही ऐसे मे गले मे काले अकीक को पहनना चाहिए! और रोजाना ओम नमः षिवाय का जाप 108 बार करना चाहिए!! आप महामृत्युन्जय जाप भी कर सकते है! यहाॅं धर मे चाॅंदी का साॅंप बनवा कर रोजाना उनसे अपनी लम्बी उम्र और धर पर कृपा दृश्टि बनाए रखने का वरदान माॅंगना चाहिए! साथ ही हर नागपंचमी वाले दिन व्रत रखे!! अति उत्तम फल मिलेगे! और जीवन भर षुक्ल पक्ष की पंचमी वाले दिन पूरे परिवार की सुख षान्ति के लिए पूरे परिवार के नाम से कुछ न कुछ निकाल कर किसी जरूरतमंद को उसकी जरूरत की चीज दे!! माता आपको अत्यन्त खुषियाॅं देगी!

विशधर कालसर्प दोश (Deadly Kaal Sarp Yog)

यह योग के कारण व्यक्ति को अपनी सन्तान से कश्ट होता है, आप जैसे लोगो को आॅंखो और दिल की बीमारियो से परेषानी का सामना करना पडता है, साथ ही समय के साथ साथ स्मरण षक्ति की कमी हो सकती है और उच्च षिक्षा मे रूकावटे व सामाजिक प्रतिश्ठा मे चोट इसी विशधर कालसर्प दोश की वजह से आएगी, विशधर कालसर्प दोश व्यक्ति के जीवन में अनेक विषमताएँ लाता है, विशधर कालसर्प दोश के कारण इसमें एक भयावह स्थिति यह बन जाती है कि राहू व केतू जब सभी ग्रहों को बन्दी बना लेते है तब सभी ग्रह या तो पूर्वार्द्ध में होते हैं या उतरार्ध में इसी कारण से कुछ ग्रह सुप्तावस्था में चले जाते है, जिस कारण अनेक दिक्कतें व्यक्ति या स्त्री को झेलनी पड़ सकती है, अतः कई बार यह विशधर कालसर्प दोश व ग्रहों की सुप्तावस्था व्यक्ति के विकास में बड़ी बाधक बन जाती है। अतः जल्द उपचार ही इसका एकमात्र उपाय है! विशधर कालसर्प दोश की पूरी विधी अवष्य करवाए! और अगर आपने कही दूसरी जगह से विधी करवा ली है और आराम तब भी नहीं है तो विशधर कालसर्प ब्रहास्त्र अवश्य मँगवा ले, माता आराम देगी!!! और सोए हुए ग्रहों को साधना द्वारा जगाए । साथ ही ऐसे मे गले मे काले अकीक को पहनना चाहिए! और रोजाना ओम नमः षिवाय का जाप 108 बार करना चाहिए!! आप महामृत्युन्जय जाप भी कर सकते है! यहाॅं धर मे चाॅंदी का साॅंप बनवा कर रोजाना उनसे अपनी लम्बी उम्र और धर पर कृपा दृश्टि बनाए रखने का वरदान माॅंगना चाहिए! साथ ही हर नागपंचमी वाले दिन व्रत रखे!! अति उत्तम फल मिलेगे! और जीवन भर षुक्ल पक्ष की पंचमी वाले दिन पूरे परिवार की सुख षान्ति के लिए पूरे परिवार के नाम से कुछ न कुछ निकाल कर किसी जरूरतमंद को उसकी जरूरत की चीज दे!! माता आपको अत्यन्त खुषियाॅं देगी!

षेशनाग कालसर्प दोश (Sheshnag Kaal Sarp Yog)

यह योग के कारण व्यक्ति के कई गुप्त षत्रु हो सकते है और इनके विरूद्ध शडयंत्र करते रहते है और इन्हे अदालती मामलो मे भी उलझना पड सकता है, मानसिक अषांति व बदनामी इस योग मे सहनी पड सकती है लेकिन एक बात बहुत मजे की है कि आप जैसे लोगो की मृत्यु के बाद आपकी ख्याति बहुत दूर दूर तक फैलती है इसलिए इस योग मे अन्य ग्रह जो षुभ भाव मे है अगर वो सुप्तावस्था से जाग जाए और आपका साथ दे दे तो यकिन माने यह षेशनाग कालसर्प दोश आपके लिए दोश नही एक योग की तरह काम करेगा, अतः जल्द उपचार ही इसका एकमात्र उपाय है! षेशनाग कालसर्प दोश की पूरी विधी अवष्य करवाए! और अगर आपने कही दूसरी जगह से विधी करवा ली है और आराम तब भी नहीं है तो षेशनाग कालसर्प ब्रहास्त्र अवश्य मँगवा ले, माता आराम देगी!!! और सोए हुए ग्रहों को साधना द्वारा जगाए! साथ ही इन उपायो को हमेषा करते रहे!! साथ ही ऐसे मे गले मे काले अकीक को पहनना चाहिए! और रोजाना ओम नमः षिवाय का जाप 108 बार करना चाहिए!! आप महामृत्युन्जय जाप भी कर सकते है! यहाॅं धर मे चाॅंदी का साॅंप बनवा कर रोजाना उनसे अपनी लम्बी उम्र और धर पर कृपा दृश्टि बनाए रखने का वरदान माॅंगना चाहिए! साथ ही हर नागपंचमी वाले दिन व्रत रखे!! अति उत्तम फल मिलेगे! और जीवन भर षुक्ल पक्ष की पंचमी वाले दिन पूरे परिवार की सुख षान्ति के लिए पूरे परिवार के नाम से कुछ न कुछ निकाल कर किसी जरूरतमंद को उसकी जरूरत की चीज दे!! माता आपको अत्यन्त खुषियाॅं देगी!

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